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लेख

रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आनंद लेना

विभिन्न सामग्रियों का उपयोग करके घर पर बहूदिव्यांगता और दृष्टिदिव्यांगता (एमडीवीआई) से ग्रस्त बच्चों के लिए शिल्प गतिविधियाँ

एक एमडीवीआई से ग्रस्त विद्यार्थी द्वारा अपनी शिक्षिका के जन्मदिन पर बनाया हुआ कार्ड

हम सभी की तरह, बहूदिव्यांगता और दृष्टिदिव्यांगता (एमडीवीआई) से ग्रस्त  बच्चे शिल्प गतिविधियों का आनंद लेते हैं। शिल्प गतिविधियाँ आत्म-अभिव्यक्ति और रचनात्मकता को व्यक्त करने के लिए एक अवसर प्रदान करती हैं। हम सभी एक शिल्प परियोजना को पूरा करने की महान संतुष्टि महसूस करते हैं। अगर हम आराम करना चाहते हैं या व्यस्त रहना चाहते हैं तो हममें से कई लोग शिल्प गतिविधियों या पेंटिंग की ओर रुख करते हैं।

इसी तरह, एमडीवीआई से ग्रस्त कई बच्चे शिल्प गतिविधियों में भाग लेना पसंद करते हैं। वे अक्सर एक शिल्प गतिविधि को पूरा करने के बाद गर्व और उपलब्धि की भावना महसूस करते हैं। यह बच्चों के लिए अपनी भावनाओं और रचनात्मकता को व्यक्त करने का एक साधन हैं।

परिणामस्वरूप, शिल्प गतिविधियों में भाग लेना चिकित्सीय (थेरेपी के समान) हो जाता हैं। ऐसी कई शिल्प गतिविधियाँ हैं जिनमें एमडीवीआई से ग्रस्त बच्चों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता हैं:

चिकनी मिट्टी (क्ले) /आटा / मिट्टी का उपयोग करके विभिन्न आकृतियाँ बनाना

आटा या चिकनी मिट्टी के साथ खेलना एमडीवीआई से ग्रस्त बच्चों को विभिन्न अवधारणाओं को सीखने में मदद करता हैं – जैसे, सूखा आटा, गीला आटा, संख्या अथवा गिनती, आकार, आदि। वह चयन करना भी सीखता हैं और इंगित करता हैं कि वह गीले आटे से क्या वस्तु /आकार बनाना चाहता हैं, एक गोल गेंद या एक रेखा। वह इसे छू सकता हैं, इसे सूंघ सकता हैं, इसे घुमा सकता हैं/रोल कर सकता हैं और इसे किसी आकार में ढाल सकता हैं; बच्चे को विभिन्न गतिविधियों के लिए अपने हाथों और उंगलियों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह सभी प्रभावशाली तरीके हैं।

पानी से मिश्रित भूरी मिट्टी से बनी विभिन्न आकृतियाँ
हल्दी और पानी मिलाकर गुंदे हुए गेहूं के पीले आटे से बने हुए विभिन्न आकार

यदि माता-पिता और देखभाल करने वालों के पास प्लास्टिसिन मिट्टी  (चिकनी मिट्टी जैसा पदार्थ) नहीं हैं, तो घर पर आसानी से उपलब्ध सामग्री जैसे कि पूरे गेहूं का आटा, गेहूं का आटा, मैदा या बेसन का उपयोग भी एमडीवीआई से ग्रस्त बच्चे के साथ गीला आटा बनाने के लिए किया जा सकता हैं।

आटे में हल्दी डालने से आटे में एक अच्छा उज्ज्वल रंग आता हैं, जो बच्चे के लिए आकर्षक हो सकता हैं।

कुछ बच्चों को मुंह में हाथ डालने की आदत होती हैं। ऐसे में, हल्दी से गुंदे आटे का उपयोग पूरी तरह से हानिरहित  होता हैं।

कई बच्चों को आटे को बेलना बहुत पसंद होता हैं। आप आटे को बेलने के लिए और विभिन्न रेखाएं और आकृतियों को बनाने के लिए बेलन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बेलन का उपयोग करने का एक फायदा यह हैं कि बच्चे को बेलन के दोनों सिरों को पकड़ना पड़ता हैं और आटे को रोल करके/घुमाकर चिकना बनाने के लिए दबाव डालना पड़ता हैं। ये बच्चे को अपने हाथों का उपयोग करने और अपने हाथों और उंगलियों को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रभावशाली तरीके हैं।

आटे और हल्दी के मिश्रण को घुंध कर पीले रंग के विभिन्न प्रकार के बनाये गये आकार

कुछ बच्चों के साथ विभिन्न आकार बनाने के लिए मिट्टी भी इस्तेमाल कि जा सकती हैं (किसी भी छोटे पत्थर या कड़े कणों को हटाने के लिए ध्यान रखें) जैसे कि गेंद बनाना और कभी-कभी विभिन्न वस्तुओं को बनाने के लिए आकृतियों को जोड़ना।

कृपया याद रखें:

  • कुछ बच्चों को गतिविधि के दौरान सहायता की आवश्यकता हो सकती हैं। एमडीवीआई से ग्रस्त बच्चों के साथ आवश्यकतानुसार हैंड ओवर हैंड, हैंड-अंडर हैंड तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं या कलाई पर सहायता प्रदान कर सकते हैं।
  • एमडीवीआई से ग्रस्त  कुछ बच्चों को मुंह में हाथ/उंगलियां डालने की आदत होती हैं, माता-पिता और देखभाल करने वाले ऐसे में मिट्टी का उपयोग न करें तो बेहतर होगा।
  • यदि बच्चे को रंग पसंद हैं तो गेहूं के आटे या मैदे में आप हल्दी मिला सकते हैं।
  • कृपया याद रखें, जब भी बच्चा गतिविधि करे तो उसके पास एक साफ़ कपडा अवश्य रखें।
  • बच्चे के भाई अथवा बहन भी इस गतिविधि में शामिल हो सकते हैं।
  • गतिविधि के बाद बच्चे को अपने हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित करें।

पुराने अखबारों का उपयोग करके कि जाने वाली गतिविधि

एक पुराने अखबार का उपयोग करके पॉम-पॉम बनाना बच्चों के लिए एक अद्भुत सुक्ष्म गामक (फ़ाइन मोटर) गतिविधि हैं! शिल्प गतिविधियों में कागज को हाथों/उंगलियों से फाड़ सकते हैं या किसी बड़े व्यक्ति की उपस्तिथि में कैंची से भी कागज को काटा जा सकता हैं।

पुराने अख़बारों से बनाये गए पॉम-पॉम

इस गतिविधि के माध्यम से, बच्चा विभिन्न अवधारणाओं को सीखता हैं जैसे – रंग, संख्या /गिनती करना  (बच्चे को कितनी बार पेपर को फाड़ना हैं), बनावट (विभिन्न कागज की बनावट का उपयोग किया जाता हैं) और यह भी सीखता हैं कि पेपर को फाड़ने के लिए अपने दोनों हाथों का प्रभावी ढंग से उपयोग करें। इस गतिविधि के माध्यम से हाथ की मांसपेशियों की ताकत विकसित करने में योगदान मिलता हैं और सुक्ष्म गामक कौशल (हाथों और उंगलियों की छोटी मांसपेशियों का उपयोग करके) बेहतर बनाने में भी मदद करता हैं।

कृपया याद रखें:

  • कुछ बच्चों के लिए कागज फाड़ना एक आसान गतिविधि नहीं होती हैं, विशेष रूप से मस्तिष्क पक्षाघात (सेरेब्रल पाल्सी) से ग्रस्त बच्चों को छोटी वस्तुओं को पकड़ने के लिए हाथों का उपयोग करने की चुनौतियाँ होती हैं। ऐसे समय में, माता-पिता या देखभाल करने वाले लोग पेपर को फाड़ने के लिए एमडीवीआई से ग्रस्त बच्चों को कलाई पर समर्थन प्रदान कर सकते हैं।
  • माता-पिता या देखभाल करने वाले पोम-पोम बनाने के लिए  पुराने अखबारों/पुरानी पत्रिकाओं या उपलब्ध किसी अन्य रंग के पेपर का उपयोग कर सकते हैं।
  • अल्प  दृष्टि से ग्रस्त कुछ बच्चे चमकीले कागज पसंद नहीं करते हैं। इस तरह के कागजों का प्रयोग ना करें तो बच्चे के लिए बेहतर होगा, क्योंकि कुछ बच्चों के लिए इस प्रकार के पेपर को फाड़ना चुनौतीपूर्ण हो सकता हैं।

सरल कार्ड बनाना (धागा, पत्तियों, कागज का उपयोग करके)

रंगीन पेपर इस्तेमाल कर बनाया हुआ कार्ड
एक एमडीवीआई  से ग्रस्त विद्यार्थी द्वारा अपनी  शिक्षिका के जन्मदिन पर बनाया हुआ कार्ड

विभिन्न प्रकार के कार्ड बनाना बच्चे के लिए अपने वातावरण में उपलब्ध  (पत्तियों, कागज, रेत, सीप,धागे, आदि) विभिन्न वस्तुओं का उपयोग करने के लिए एक शानदार तरीका हैं, और यह विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जा सकता हैं।

कभी-कभी बच्चा किसी विशिष्ट अवसर जैसे जन्मदिन या त्योहार के लिए कार्ड बना सकता हैं और अपने दोस्तों, भाई-बहनों, परिवार के सदस्यों को कार्ड दे सकता हैं, जो बच्चे को विभिन्न घटनाओं को समझने और अन्य बच्चों और बड़े व्यक्तियों के साथ मेलजोल करने के लिए प्रोत्साहित करने का एक शानदार तरीका हैं।

कुछ बच्चे अपने हाथों से गोंद को छूना पसंद नहीं करते हैं। ऐसे में, बच्चा गोंद का इस्तेमाल करने के लिए एक पुराने ब्रश का उपयोग कर सकता हैं। गतिविधि करते समय बच्चे के हाथों को पोंछने के लिए एक मुलायम कपड़ा रखना भी सहायक होगा।

कृपया याद रखें:

  • बच्चा कार्ड बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्रियों का चयन कर सकता हैं। वह चुन सकता हैं कि वह पत्तियों, दालों अथवा अन्य किसी वस्तु का उपयोग करना चाहता हैं।
  • घर पर आसानी से उपलब्ध किसी भी सामग्री का उपयोग कार्ड बनाने के लिए किया जा सकता हैं जैसे, पत्ते, रंगीन कागज, धागे, स्केच पेन, क्रेयॉन या पानी के रंग (यदि घर पर उपलब्ध हो)।
  • यदि घर पर  गोंद न हो और यदि बच्चों को मुहं में लगातार हाथ डालने की आदत हो तो, ऐसे में आप आटे से लाइ बना सकते हैं और पके हुए चिपचिपे चावल इस्तेमाल कर सकते हैं ।

बच्चे के साथ शिल्प गतिविधियों को करते समय कृपया इसे ध्यान में रखें:

  • बच्चे को उनकी पसंद और जरूरतों को व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करें।
  • बच्चे को कला की गतिविधि करने/बनाने के लिए प्रोत्साहित करें और उसका समर्थन करें जो बच्चे के लिए मददगार होगा और उसे सहज महसूस कराएगा।
  • यह सब एक साथ मज़ा करने के बारे में हैं! इन गतिविधियों के माध्यम से आनंद लिया जा सकता हैं। कला की गतिविधि आनंद लेने के बारे में हैं और अगर माता-पिता और देखभाल करने वाले आनंद ले रहे हैं, तो बच्चे भी गतिविधि का आनंद लेंगे और अपनी रचनात्मकता को व्यक्त करने के लिए तैयार रहेंगे।

इस संसाधन का पीडीएफ संस्करण देखने के लिए इस लिंक का अनुसरण करें।

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