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कहानी

हमारे साझेदारी संस्थाओं का प्रशिक्षण ताकि कोई बच्चा छूट न जाए।

एक नई टीम को एक अभिनव पहल के तहत प्रशिक्षित किया जा रहा है जिससे वे एमडीवीआई से ग्रस्त बच्चों की पहचान कर सकें और उन्हें आवश्यक शिक्षा और विकासात्मक हस्तक्

क्षेत्र कार्यकर्ता बहु दिव्यांगता की पहचान के लिए एक बच्चे की जाँच (स्क्रीनिंग) करते हुए

पर्किंस इंडिया को विश्वास हैं कि हर बच्चे का यह अधिकार है कि उसे गुणवत्ता परक शिक्षा मिले और उसे अपनी क्षमता को पहचानने और उसे उजागर करने का अवसर प्राप्त हो। इस विचार को साकार रूप देने के लिए पर्किंस इंडिया ने एक महत्वपूर्ण पहल का प्रारम्भ किया जो पहली बार डेटा संग्रह में निहित व्यवस्थित प्रक्रिया का उपयोग करते हुए बहु दिव्यांगता से ग्रस्त  बच्चों को ढूंढ  कर उन्हें शिक्षण और आवश्यक सेवाओं से जोड़ कर के उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दे रहा है। पहचान और हस्तक्षेप परियोजना (आयडिआय) का उद्देश्य है बहु दिव्यांगता और दृष्टि दिव्यांगता (एमडीवीआई) से ग्रस्त बच्चों की जाँच (स्क्रीनिंग) और आकलन और फिर हस्तक्षेप तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करना, जो उन्हें स्कूल के लिए तैयार करते हैं और हम यह कार्य अपने स्थानीय सहयोगियों के साथ मिलकर करते हैं।

उत्तर प्रदेश के लखनऊ क्षेत्र की  एक संस्था  (एनजीओ) जयति भारतम् का दिव्यांगता से ग्रस्त  बच्चों को सहायता देने का  और उन्हें शिक्षित करने का लम्बा इतिहास है। यद्यपि जयति भारतम् में अनुभवी नेतृत्व, विशेष शिक्षक और सामुदायिक कार्यकर्ता हैं ,पर उन्हें अतिरिक्त प्रशिक्षण और परामर्श की आवश्यकता थी जो उन्हें उस विशेष ज्ञान और कौशल से युक्त कर दे जो बहु दिव्यांगता  और दृष्टि दिव्यांगता से ग्रस्त बच्चों की आवशक्यताओं की पूर्ति करने के लिए  आवश्यक है। 

पर्किंस इंडिया की टीम कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने और एमडीवीआई  से ग्रस्त बच्चों की आवश्यकताओं के प्रति उन्हें अनुकूल बनाने के लिए तैयार थी। विशेषज्ञ स्टाफ सदस्य सुश्री संपदा  शेवड़े, कन्ट्री हेड और सुश्री अनुराधा मुंगी, शैक्षिक विशेषज्ञ ने कुछ  दिनों तक उन्हें प्रशिक्षण दिया जिसका प्रारम्भ अनुकरण (सिमुलेशन) गतिविधि से हुआ। जयति भारतम् टीम की आँखों पर पट्टी बाँध दी गई  और उनसे आसान सा काम करने को कहा गया जैसे दूसरे व्यक्ति को एक संदेश देना या रोज़मर्रा  का काम करना जैसे ग्लास में पानी भरना। आईडीआई  परियोजना के एक सदस्य मुनीर ने बताया कि यद्यपि दिव्यांगता के विषय में पहले से काफी कम   जानकारी  थी  तथापि अनुकरण सत्र से उन चुनौतियों को समझने में सहायता मिली जिसका सामना एमडीवीआई  से ग्रस्त बच्चों को करना पड़ता है।

एक महिला दूसरी महिला का मार्गदर्शन करती हुई  जिसने आँखों  पर पट्टी बांध रखी है
एक पुरुष दूसरे पुरुष का मार्गदर्शन करते हुए जिसने आँखों  पर पट्टी बांध रखी है

आईडीआई परियोजना की टीम को जाँच (स्क्रीनिंग) और आकलन प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। व्यावहारिक सत्र में उन्हें माता पिता से पूरी बात जानने के बाद बच्चों की जाँच (स्क्रीनिंग) का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। जयति भारतम् की प्रशासनिक सहायक संध्या ने प्रशिक्षण सत्र की अत्यधिक प्रशंसा करते हुए कहा,”एमडीवीआई के परिचय और पहचान प्रशिक्षण से मुझे दिव्यांगता और एमडीवीआई  से ग्रस्त बच्चों की ज़रूरतों को समझने में सहायता मिली। मैं आत्मविश्वास के साथ जाँच (स्क्रीनिंग) कर सकती हूँ। “ 

एक व्यक्ति अपने साथियों के सामने प्रस्तुति देते हुए

जब आईडीआई की पहली परियोजना ‘जाँच (स्क्रीनिंग) शिविर और घर घर जा कर जाँच (स्क्रीनिंग) आरम्भ हुई, पर्किंस इंडिया के विशेषज्ञों ने जयति भारतम् टीम के साथ साथ कार्य किया जिससे उनके जाँच (स्क्रीनिंग) और आकलन की क्षमता प्रखर हो गई। अब पर्किंस इंडिया के विशेषज्ञों के नियमित परामर्श सहायता से सद्य:प्रशिक्षित शिक्षक और कार्यकर्ताओं  का संवर्ग स्वतंत्र रूप से बच्चों की जाँच (स्क्रीनिंग) कर सकते हैं और आईडीआई परियोजना काफी बड़ी संख्या में बहु दिव्यांगता से ग्रस्त  बच्चों तक पहुँच रही है अन्यथा ये बच्चे शिक्षा और समुदायिक जीवन में पीछे रह जाते।

जाँच (स्क्रीनिंग) और पहचान के प्रशिक्षण के बाद नौ महीने  के दौरान ही जयति भारतम् ने करीब 400 बच्चों की जाँच (स्क्रीनिंग) की  और 100 बच्चों से अधिक की पहचान एमडीवीआई  से ग्रस्त बच्चे के रूप में की। इसके साथ ही उन्होंने नैना और सुनैना जैसे बच्चों को स्कूल में पंजीकृत करने में सहायता की और परिवार को मार्गदर्शन किया कि वे अपने बच्चों के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र का विकल्प चुनें जिससे उनके बच्चों को अतिरिक्त सरकारी सहायता सेवा मिल सके।

जयति भारतम् की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री रेणु अग्निहोत्री ने बताया,” “जाँच (स्क्रीनिंग) के लिए प्रशिक्षण और सलाह के  समर्थन के लिए पर्किंस इंडिया की सुश्री संपदा  और सुश्री अनुराधा द्वारा दिए गए प्रशिक्षण और परामर्श ने विभिन्न परिवेश में से बच्चों की  जाँच (स्क्रीनिंग) और एमडीवीआई  से ग्रस्त बच्चों की पहचान करने में हमारे CBR कार्यकर्ताओं  की टीम और विशेष शिक्षकों की सहायता की है।”

पर्किंस इंडिया और जयति भारतम् आपसी सहयोग से यह सुनिश्चित करते हैं कि हर बच्चा सीखें और कामयाब हों।

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