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कहानी

दिव्यांगता सप्ताह के दौरान शिविरों द्वारा सीखने के अवसर बढे

जयतिभारतम की प्रोजेक्ट आईडीआई टीम ने एमडीवीआई से ग्रस्त बच्चों को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने के लिए तीन दिव्यांगता शिविर का आयोजन किया

व्हील चेयर प्राप्त करने के बाद एमडीवीआई से ग्रस्त लड़की बहुत खुश और उत्साहित है

सीतापुर और गोसाईगंज ब्लॉक कार्यालय के एक स्थानीय स्कूल में कई बहूदिव्यांगता सहित दृष्टि दिव्यांगता (एमडीवीआई) से ग्रस्त कई सारे बच्चों को एक साथ देखना आस-पास के समुदायों के लोगों के लिए शायद एक नई घटना थी। लेकिन, प्रमुख सामुदायिक सदस्यों के समर्थन के लिए धन्यवाद, जिन्होंने इन बच्चों और उनके परिवारों का दिल से स्वागत किया ताकि वे सीखने के विविध अवसर प्राप्त करने के लिए समर्थन सेवाओं का लाभ उठा सके। 

पर्किन्स इंडिया और जयतिभारतम की प्रोजेक्ट आईडीआई टीम ने दिव्यांगता सप्ताह के उपलक्ष्य में लखनऊ और सीतापुर के पांच ब्लॉकों के लिए तीन ऐसे समारोहों का आयोजन किया।  

कोविड के दौरान आवश्यक सावधानी बरतते  हुए,प्रोजेक्ट आईडीआई टीम ६७  बहूदिव्यांगता सहित दृष्टि दिव्यांगता (एमडीवीआई)  से ग्रस्त बच्चों के परिवारों  की मेजबानी करने में सक्षम रहे। 

इन शिविरों की वजह से पहली बार कई परिवार – एक फिजियोथेरेपिस्ट, नेत्र रोग विशेषज्ञ, और एक दंत चिकित्सक तक पहुंच पाए । एक अभिभावक ने कहा,”मैं बहुत खुश हूं कि मेरे बच्चे को पहली बार फिजियोथेरेपिस्ट ने देखा। उन्होंने मेरे बच्चे के लिए नियमित रूप से करने के लिए कुछ व्यायाम बताएं,जो हम निश्चित रूप से घर पर जारी रखेंगे। ” 

एमडीवीआई से ग्रस्त बच्चों की दाँतों की जाँच करते हुए दंत चिकित्सक
एमडीवीआई से ग्रस्त एक लड़की कला गतिविधि करते हुए

कुछ बच्चों को साधन और उपकरण भी प्राप्त हुए जो सीखने में उनकी मदद करेंगे। “मैं बहुत खुश हूं कि मेरी बेटी को व्हीलचेयर मिली है।अब हम उसे आसानी से घर से बाहर  ले जा सकते हैं, ”एक अभिभावक ने कहा।

मुख्य – आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एक विद्यालय के प्राध्यापक को महत्वपूर्ण सामुदायिक सदस्यों के रूप में मान्यता दी गई थी,क्योंकि उन्होंने प्रोजेक्ट आईडीआई टीम  को आसपास के गांवों में स्क्रीनिंग आयोजित करने में सहायता प्रदान की थी। सुदूर क्षेत्रों में एमडीवीआई से ग्रस्त बच्चों की पहचान, रेफरल और हस्तक्षेप के अवसरों की एक निर्बाध प्रणाली स्थापित करने के लिए समुदायों से ऐसा समर्थन आवश्यक है

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