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अपने बच्चे की आवश्यकताओं को समझने पर अभिभावक ने ली राहत की साँस

बहु दिव्यांगता तथा सेरिब्रल/कॉर्टिकल दृष्टि दिव्यांगता (सीवीआई ) से ग्रस्त अपने बच्चे के लिए प्रद्युमन का परिवार जिस जानकारी और सहायता की खोज में थे, वह उ

एक बच्चा दो विज़न तकनीशियनों के साथ एक हस्तक्षेप सत्र में भाग लेता है, जबकि बच्चे की मां सामने बैठी है और देख रही है

प्रद्युमन एक दो वर्ष का बच्चा है जो बहु दिव्यांगता और दृष्टि दिव्यांगता से  ग्रस्त है, उसकी पहचान पर्किन्स इंडिया और डॉ.श्रॉफ आई  हॉस्पिटल, वृन्दावन के संयुक्त कार्यक्रम ‘पहचान और हस्तक्षेप प्रोजेक्ट आइडेंटीफिकेशन ऐंड इंटरवेंशन (IDI) के तहत क्षेत्र सर्वेक्षण के दौरान हुई थी। 

प्रद्युमन के माता पिता को मालूम था कि उनके बच्चे को सहायता की आवश्यकता है इसलिए वे अपने बच्चे के लिए बेहतर जानकारी और सहायता की खोज में थे। और यह तब तक संभव नहीं हुआ के वह सही लोगों के संपर्क में हैं जब तक प्रोजेक्ट आईडीआई की टीम उनके घर तक नहीं पहुंची थी  “ प्रोजेक्ट आईडीआई  टीम द्वार प्रदान की गई  सहायता से हम अभिभूत हैं। हम अपने बच्चे के इलाज के लिए कई  जगह गए; पर हमें कहीं भी न इलाज मिला और न ही किसी ने कोई रास्ता दिखाया और न ही किसी ने इतना ध्यान दिया।,” उन्होंने साझा किया।

वृंदावन में डॉ. श्रॉफ आई  हॉस्पिटल के प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में आकलन करने पर, प्रद्युमन को गामक कौशल और वाचा कि चुनौतियों के साथ वैश्विक विकास संबंधी  विलंब हुआ है । यह भी देखा गया कि वह दूसरों से आँख नहीं मिला पा रहा है और किसी व्यक्ति या वस्तु पर अपनी आँखें स्थिर नहीं कर पा रहा है। केन्द्र में नैदानिक जाँच से पता चला कि वह सेरेब्रल/कॉर्टिकल विज़न इम्पेयरमेंट (सीवीआर्इ) से ग्रस्त है।

सीवीआई मस्तिष्क आधारित दृष्टि दिव्यांगता है जो मस्तिष्क के दृष्टि पथ या दृष्टि प्रसंस्करण क्षेत्र में हानि के कारण होती है। सीवीआई का कोई  इलाज नहीं है पर सही मूल्यांकन और शिक्षात्मक कार्यक्रम  से बच्चे की दृष्टि के उपयोग में सुधार की सम्भावना रहती है। प्रद्युमन के लिए एक अच्छी खबर है कि डॉ. श्रॉफ आई हॉस्पिटल , वृन्दावन में प्रारंभिक हस्तक्षेप स्टाफ सीवीआई के मूल्यांकन और उपचार में प्रशिक्षित है।      

नैदानिक जाँच के एक महीने के बाद प्रद्युमन ने हफ्ते में एक बार डॉ. श्रॉफ़  प्रारंभिक हस्तक्षेप (ईआई ) सेंटर आना आरम्भ कर दिया। उसने अपने पहले सत्र को पसंद किया और वह बहुत ही प्रसन्न और उसमें संलग्न था। विज़न टेक्नीशियन ने प्रद्युमन कि कार्यात्मक क्षमताओं को अधिकतम करने के लिए उसके साथ दृष्टि उत्तेजना और संवेदी एकीकरण गतिविधियों पर काम किया।

प्रद्युमन के अभिभावकों को ईआई  स्टाफ द्वारा परामर्श दिया गया और उन्हे विभिन्न गतिविधियों से सम्बंधित मार्गदर्शन किया गया जिससे वे प्रद्युमन  की प्रगति में सहायता करने के लिए प्रतिदिन उन गतिविधियों को घर में कर सकें। 

प्रोजेक्ट आईडीआई टीम प्रद्युमन और उसके परिवार के साथ काम करती रहेगी ताकि उसकी दृष्टि तथा अन्य कौशलों में उन्नति हो और वह अधिक आत्मनिर्भर हो सके जिससे वह अपने विद्यालय और समुदाय में अन्तर्विष्ट हो सके।

विज़न थेरेपी सत्र के दौरान एक बच्चा अपनी माँ की गोद में बैठा हुआ विज़न टेक्नीशियन द्वारा दिखाई जा रही चमकीली वस्तु को देख रहा है।
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