लेख

२०२१ में पर्किन्स इंडिया का बच्चों पर प्रभाव

जब विद्यालय बंद थे, पर्किन्स इंडिया ने सभी बच्चों को सीखने और उन्नति करने में सहायता करने के हमारे दृष्टिकोण की दिशा में प्रगति की।

चश्मा पहने एक लड़का रंगीन, बनावट वाली गेंद को पकडे हुए हैं।

एक नए साल की शुरुआत यह सोचने का समय है: की हम कौन हैं और हमने क्या हासिल किया है। पर्किन्स इंडिया बहु दिव्यांगता और दृष्टि दिव्यांगता से ग्रस्त बच्चों के लिए कार्य करने में निपुण है। जब २०२१ में महामारी की दूसरी लहर आई, तो हमने इन बच्चों को शिक्षा तक पहुँचने में मदद करने के लिए नए तरीके अपनाये, और उन वयस्कों की क्षमता का विकास किया जिससे वह इन बच्चों को सीखने में मदद कर सके। सरकार और नागरिक समाज के साथ साझेदारी में, हमने:

बच्चों को सीखने और उन्नति करने में मदद की

पर्किन्स इंडिया दूरस्थ प्रशिक्षण के माध्यम से लगभग ५०,००० बच्चों तक पहुँचा, और सैकड़ों बच्चों की सीखने की ज़रूरतों की पहचान की।

एक लड़का अपनी शिक्षिका के साथ खिलौनों का उपयोग करते हुए
  • सीखने की यात्रा पर मिले ४९,९११ बच्चे और युवा
  • २२२  गांवों में ५२३ बच्चों और युवाओं की दिव्यांगता की जांच की गई
  • १९५  बच्चों और युवाओं ने पर्किन्स इंडिया समर्थित कार्यक्रमों में दाखिला लिया

बच्चों को सीखने में मदद करने के लिए वयस्कों को प्रशिक्षित किया

हमने कई संचालक प्रमुखों को विकसित किया, शिक्षकों को सलाह दी और पारिवारिक शक्ति को बढ़ावा दिया

  • ३४५०  शिक्षकों ने अपने ज्ञान और कौशल में उन्नति कि
  • २१७  परिवार के सदस्ययों को  सशक्त किया
  • ८९  परिवारों को दूसरी कोविड लहर से निपटने के लिए बुनियादी आपूर्ति के लिए किट मिलीं
अपने छात्र के साथ एक शिक्षिका

शिक्षा को सुगम बनाया

हमने कार्यक्रम गुणवत्ता मानकों में सुधार किया, और प्रणालीगत परिवर्तन का समर्थन करने के लिए जागरूकता और नेतृत्व को बढ़ावा दिया।

ASHA workers sit smiling during a training
  • सेवाओं में सुधार और विकास के लिए २ कार्यक्रमों को गहन समर्थन दिया गया
  • हमारे ऑनलाइन संसाधन केंद्र के संसाधनों को १४,७५१  बार देखा गया
  • २०२२ में शिक्षकों, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के लिए नींव तैयार

जैसा कि हेलेन केलर ने कहा है : अकेले हम  थोड़ा काम कर सकते हैं, साथ में हम बहुत कुछ कर सकते हैं। हम कई साझेदारों  और दोस्तों के समर्थन के लिए आभारी हैं, और हम २०२२ में दिव्यांगता से ग्रस्त  बच्चों के लिए अपने प्रभाव को जारी रखने और विस्तारित करने के लिए तत्पर हैं, जिसमें आगरा और सीतापुर में नई साइटें और शिक्षा की यात्रा शुरू करने वाले अधिक बच्चे शामिल हैं।

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मोटे कांच का चश्मा पहने हुए एक लड़का रंगीन गेंद को पकडे हुए ।
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एक लड़की अपनी शिक्षिका के चेहरे पर रंग लगाते हुए, दोनों हँसते हुए ।
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